इस लॉकडाउन में भगवान क्या चाहते हैं ? Spiritual journey

 

उसकी कदर करने में, देर मत करना। जो इस दौर में भी तुम्हें वक्त दे रहा है।


इस एक मनुष्य जीवन में तुम स्वयं को जान लो - "मैं हूं कौन" वास्तव में भगवान भी इस लॉकडाउन में यही चाहते हैं।


इस लॉक डाउन में तीन बातों को अपने माइंड में लॉक कर लेना।

  • पहली पहली बात जीवन सतत गतिशील है, परिवर्तनशील है, तुम्हारी प्लानिंग से जीवन नहीं चलता और जब जीवन ही तुम्हारी प्लानिंग से नहीं चलता, तो मृत्यु कहां तुमसे पूछ कर आने वाली है। एक छोटा सा अदृश्य वायरस तुम्हें अपने घर में बंद कर गया, जब मृत्यु जैसे विराट घटना घटेगी, तुम कहां जाओगे। लेकिन इस समय का भरपूर प्रयोग कैसे किया जा सकता है, वास्तव में यही समय तुम्हें बता सकता है, और कोई नहीं सिखा सकता।
  • दूसरी बात - लॉक डाउन का ये समय तुम्हें कुछ सिखाना चाहता है, कि ठहरो जिसके बिना नहीं रहा जा सकता था, उसके बिना भी सब कुछ ठीक चल रहा है। यह कम आश्चर्य की बात नहीं। कई लोगों को लगता था, हम बिजनेस के बगैर घर पर ठहर ही नहीं सकते, कई महिलाओं को लगता था हम शॉपिंग और किटी के बिना रह नहीं सकते, अब सब कुछ ठीक चल रहा है या नहीं।
  • तीसरी बात - जिंदगी तुम्हें कुछ सिखाना चाहती है, यदि आसान ढंग से नहीं सीखोगे तो जटिल और कठिन ढंग आएगा, क्योंकि God तुम्हें कुछ सिखाना चाहते हैं, ईश्वर चाहते हैं, कि तुम इन मन और शरीर की सीमाओं से बाहर आओ केवल मन बुद्धि और शरीर की गुलामी मे ना रहो। और वही सब कुछ सिखाने के लिए यही दिन आए हैं, कि शायद आजकल इन दिनों में हम सीख जाए, कि यह जीवन किसके लिए मिला था। ठहरने के लिए, ठहर कर हम थोड़ी देर साधना में उतरे। साधना यानी संभलना, सुधारना, self improvement

अपने सुधार के लिए हमें बंद आंखों से थोड़ी देर अपने भीतर उतरना होगा, हमें अपने माइंड पर नजर रखनी होगी, कि कब-कब हम अपने माइंड के साथ जुड़े। सावधान हो जाना यही तो डिस्कवर करना है। इस रियलिटी को खोजना है। और यह बहुत सरल और साधारण है, अपनी और जागना क्या मुश्किल है लेकिन हमने इस तकनीक को कितना जटिल बना दिया। ध्यान रहे भीतर हर स्थिति माइंड की है, बस इस पर नजर रखना। रहना वर्तमान में आना-जाना भूत और भविष्य का हो। याद रहे identification बुरी है। माइंड तुम्हें लेकर चले यह दूरव्यवस्था है, ये mis management है।

Neutral रहकर थोड़ी देर अपने माइंड को ऑब्जर्व करना। लॉकडाउन में बाहर के टेलीविजन को देखने में इतना आनंद नहीं, जितना माइंड के टेलीविजन को देखने में अच्छा लगेगा। तुम स्वयं हंसोगे कि कितनी धूल हमने स्वयं इकटठी की है, क्या नहीं feed किया, अपनी चित्र रूपी कंप्यूटर में अपने चित् में क्या नहीं डाला। कितना बेकार का भरा है, हमने भीतर। लेकिन यह देखना हमें तभी आएगा। जब किसी हायर की वाइब्रेशंस मिलेंगी। भगवान चाहते हैं, कि हम अपने माइंड रुपी कंप्यूटर को कम से कम feed करें। Already जो हमने फीड किया है, उसको विदा करने के लिए यह लॉक डाउन का अवसर मिला है, लेकिन इसके लिए हमें किसी का साथ चाहिए समर्पण चाहिए।

तीरथ नहाए एक फल, संत मिले फल चार। सदगुरु मिले अनंत फल, कहे कबीर विचार।

सतगुरु मिले तो भक्ति की भावना भीतर सिद्ध होती है फिर भक्त कह उठता है सुख पाया सुख पाया रहम तेरी सुख पाया। यही है मन की आनंदित अवस्था.. निर्भार, जहां कोई भार नहीं।

वास्तव में इस समय ईश्वर हमें कुछ सिखाना चाहते हैं, वह यह कि तुम इस मन और शरीर की सीमाओं से बाहर आओ। और वही सब कुछ सिखाने के लिए लॉकडाउन के दिन आए हैं, कि शायद आजकल हम सीख जाएं कि जीवन किसके लिए मिला था, इसका perpose क्या था, वास्तव में यह समय हमें ठहरने के लिए मिला था, कि थोड़ी देर हम देर रुक कर अपनी साधना में उतरे। अपने इंप्रूवमेंट में उतरे लेकिन अभी तो हम खाना और सोना दोनों भूल चुके हैं। पता नहीं विकास का यह कौन सा चरण है, कि हमें सोना और खाना दोनों ही ठीक से नहीं आते खाने के लिए भी दवा चाहिए सोने के लिए भी दवा चाहिए। हंसने के लिए सुबह पार्क में हा हा करना पड़ता है। अब वह भी नहीं, क्योंकि वास्तविक हंसी नहीं है जीवन में। यह कैसी विकृत जीवन शैली है, कितनी जड़ता आ गई है। जिंदगी में जिस गति से चेतना विनाश की ओर जा रही है उससे तो यही लगता है कि अंतर्मुखी जीवन क्या होता है, आनंद क्या होता है यह बात तो हम भूल ही जाएंगे। आप कौन हैं, क्या है, क्यों आए हैं। यह विचार करने की सामर्थ्य बुद्धि में नहीं रहेगी।

अवसर मिला है, भूलना नहीं, थोड़ी देर अपने साथ रहना। तुम्हारा सुख तुम्हारे भीतर है, और उस आंतरिक सुख तक पहुंचने का मार्ग भी भीतर है। समझ तो बहुत लोगों को आ गया है कि मार्ग क्या है, लेकिन उस समझ को अनुभव तक लाने के लिए प्रकृति ने तुम्हारे लिए सारा इंतजाम किया है, ताकि इस लॉक डाउन में थोड़ी देर तुम ठहर जाओ।

ज्यादा कुछ तो नहीं जानती, मैं इस प्रेम के बारे में, इस समर्पण के बारे में, बस तुम सामने आते हो तो तलाश खत्म हो जाती है।

Om Namah

व्याकरण संबंधी त्रुटि के लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूं।

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Treatment of Sciatica Pain / 5 Yoga Exercise for Sciatica Pain Relief

5 वैज्ञानिक और आसान से योगासन जो साइटिका के दर्द से देंगे राहत।

Sciatica Pain पैरों की नसों में होने वाला तेज दर्द है इस दर्द से परेशान व्यक्ति ना तो ढंग से चल फिर पाता है और ना ही काफी देर तक खड़ा हो पाता है इसके अलावा इस दर्द के कारण उसके रोजमर्रा के काम में भी कई बार दिक्कतें आ जाते हैं।

यह दर्द कमर के निचले हिस्से से शुरू होकर हिप्स जांघों से होते हुए पैरों की एड़ी तक चला जाता है। लेकिन कुछ योगासन के नियमित रूप से अभ्यास करने पर साइटिका की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है इस वीडियो में हम आपको वैज्ञानिक ढंग से 5 योगासन बताएंगे जो आपको इस प्रॉब्लम से छुटकारा दिलाएंगे।

साइटिका का दर्द ज्यादातर शरीर के एक हिस्से में, एक पैर में बहुत तेज होता है उस समय यह दर्द आपको बहुत बेचैन कर देता है आपको काम करने में भी थोड़ी बहुत असुविधा हो सकती है। इससे उठने वाला तेज दर्द अचानक या किसी खास वक्त में उठता है जिसमें आप खुद को बहुत लाचार महसूस करने लगते हैं

इस सभी योग आसनों के अभ्यास से आपकी रीड की हड्डी फ्लैक्सिबल होती है आपकी स्ट्रैचिंग इंप्रूव होती है यह सभी एक्सरसाइज आपके हिप्स में लचीलापन को बढ़ाती हैं और हिप्स जांघों और कमर के निचले भाग की जकड़न को दूर करती हैं।

Thanks

 

https://www.youtube.com/watch?v=7All8PtPNsI&t=32s

Cure Sciatica Pain 100%

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5 Easy & Effective Exercises To Reduce Side BELLY Fat Fast | Super Exercises by ANTAS YOG

https://www.youtube.com/watch?v=HEegjpy_nkQ&t=26s

पेट और कमर की चर्बी कम करने का आसान तरीका

Best 5 एक्सरसाइज & Tips To Reduce belly fat in HIndi

अगर आपको अपने शरीर में लगातार भारीपन लगता है या बॉडी में laziness रहती है तो सावधान हो जाइए पेट पर थोड़ी बहुत चर्बी होने को सामान्य माना जाता है लेकिन अगर वही चर्बी जरूर से ज्यादा होती है तो हमें कई बीमारियों से जूझना पड़ता है। जैसे पीसीओडी की प्रॉब्लम, हार्मोनल प्रॉब्लम, यूट्रस रिलेटेड कई डिजीज, इसके साथ साथ डिप्रेशन मोटापा और अन्य बीमारियां अपने आप चली आती हैं। इस सभी बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए इस सभी एक्सरसाइज को एक बार अपनी डेली रूटीन में शामिल करके देखिए और अपना अनुभव हमें कमेंट सेक्शन में जरूर शेयर कीजिए।

Thanks

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