Weight Loss Stretching poseयोग हमें उन चीजों को ठीक करना सिखाता है जिसे सहा नहीं जा सकता और उन चीजों को सहना सिखाता है जिन्हे ठीक नहीं किया जा सकता।

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How to avoid negative thinking

एक ही चीज जो सारा दिन चल रही है वो है Thinking…
लेकिन हम कहते हैं कि सोच आ गई, हम यह नहीं कहते कि मैंने क्रिएट की।
जैसे वह सोच बाहर से आई है लेकिन ध्यान दीजिए वह सोच बाहर से नहीं, भीतर से आती है बस इसकी डायरेक्शन सही होनी चाहिए। इसीलिए मन को जानना समझना बहुत इंपॉर्टेंट है, क्योंकि मन ही हमारे जीवन की फाउंडेशन है। फाउंडेशन जितनी मजबूत होगी उतना ही हम सुखद जीवन जी पाएंगे… नहीं तो कोई भी हमें हिलाकर जा सकता है। शरीर, परिवार, प्रोफेशन और एक दूसरे को संतुष्ट करने के लिए हम कितनी मेहनत करते हैं, कितनी हम शरीर की देखभाल करते हैं, लेकिन फिर भी शरीर में कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ दर्द हो ही जाता है। और रिश्तो में भी कभी कोई, कभी कोई, नाराज रहता ही है, और कभी कोई ऐसा कर देता है जो हमने कभी सोचा भी नहीं होता। हमारे किसी भी काम से कोई खुश नहीं रह सकता.. ऐसा लगता है, यहां कुछ भी स्थिर नहीं है लेकिन एक चीज है, भीतर में, अंतस में , जो हमेशा स्थिर है और हैप्पीनेस में है, वह है हमारा अस्तित्व हमारी एक्जिस्टेंस इसी को जानने के लिए हम भगवत गीता का अभ्यास कर रहे हैं।

Vol 248 मैं अर्जुन का बहुत प्यारा प्रश्न है, भगवान श्री कृष्णा से… अर्जुन कह रहे हैं, ऐसा साधक जिसे श्रद्धा तो है, लेकिन संयम ही नहीं है और समाधि में जाने से पहले ही जिसका मन विचलित हो जाता है ऐसा साधक किस गति को प्राप्त होता है….
और यह प्रश्न हम सभी का होता है। हमें श्रद्धा तो पूरी है अंतस धारा पर… लेकिन जब संयम की बात आती है कि क्या खाना है, क्या बोलना है, क्या सोचना है हम निर्णय नहीं ले पाते। उस समय पर हमें क्या करना है भगवान श्रीकृष्ण इस वॉल्यूम में यही बता रहे हैं।
On Namah🙏

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Antas Yog by Indu Jain
Om Guruve Namah

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थायराइड में भूल से भी नहीं खाएं ये चीजें …. जाने थायराइड में क्या खाएं ?

सावधान हो जाएं अगर आपके शरीर का वजन अचानक बढ़ जाता है। और उससे आपको अपने शरीर में सुस्ती महसूस होने लगती हैं। आपके शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं, लगातार कॉन्स्टिपेशन की शिकायत रहती है‌ चेहरे और आंखों पर सूजन आ जाती है तो समझ जाइए कि आपको कहीं थायराइड की प्रॉब्लम तो नहीं और यह बीमारी ज्यादातर 30 से 60 साल की महिलाओं में अधिक होती हैं।

आजकल सुनने में आता है कि थायराइड की परेशानी बहुत ज्यादा फैल रही है। अगर आप भी थायराइड से परेशान हैं, तो सबसे पहले अपनी डाइट सही कीजिए। वास्तव में सही डाइट लेने पर थायराइड की बीमारी को आसानी से काबू किया जा सकता है।

हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई है जिसमें कहा गया है, कि देश में हर दसवां व्यक्ति थायराइड का शिकार हो रहा है। खासतौर से महिलाओं में थायराइड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। थायराइड की वजह से ही अस्थमा, कोलेस्ट्रॉल की समस्या, डिप्रेशन, डायबिटीज इनसोमनीया और दिल की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।

अगर आपको थायराइड की परेशानी है, तो आपको क्या खाना चाहिए, क्या नहीं खाना चाहिए। और हमारी डाइट में क्या क्या चीजें होनी चाहिए, जिससे हम थायराइड से बच सकते हैं, यह जान लेना बहुत जरूरी है।

इस बीमारी का मुख्य कारण है पैक्ड फूड और प्रोसैस्ड फूड की अधिकता। इस फूड को खाने का मतलब है जो आपके किचन में ताजा ताजा नहीं बना, या मार्केट में जो भी खाने पीने वाली चीजें होती हैं, उन्हें पैक्ड फूड कहा जाता है जैसे आपने चिप्स, मूंगफली, पेस्ट्री, केक बिस्किट, पिज़्ज़ा, पास्ता खा लिया। हमारी डाइट में यह चीजें इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि थायराइड की परेशानी आजकल बहुत ज्यादा देखने को मिल रही है।

अगर आप अपनी हेल्थ को लेकर अवेयर है तो थायराइड की प्रॉब्लम को स्टेबल डाइट से ही कंट्रोल कर सकते हैं। कई बार ऐसा होता है कि जो चीजें पौष्टिक होती है लेकिन वह थायराइड के मरीजों को नहीं खानी होती तो आज हम डाइट की पूरी जानकारी देंगे अगर आपको मोटापे वाला हाइपो थायराइड है तो आपको अपनी डाइट में यह चीजें नहीं लेनी है।

  • बंध गोभी, फूल गोभी, गांठ गोभी, और शलगम यह चार सब्जियां अगर आपको थायराइड की प्रॉब्लम है, तो अपनी डाइट में नहीं लेनी।
  • अगर आप सोयाबीन या सोया प्रोडक्ट का अधिक प्रयोग करते हैं, तो इनका प्रयोग कम कर दीजिए।
  • आपको आपको अपनी डाइट में चाय कॉफी कोल्ड ड्रिंक चॉकलेट का प्रयोग कम से कम करना है
  • आपको आपको अपनी डाइट में सफेद चावल और सफेद ब्रेड का प्रयोग भी नहीं करना है।
  • डिब्बाबंद चीजों का कम से कम प्रयोग करना है चाहे वह बिस्किट है, नमकीन है,या सॉस है।
  • स्वीट पोटैटो, पेस्ट्री, केक, मूंगफली, बाजरा इन चीजों का प्रयोग भी कम करना है।

हाइपोथायराइड की प्रॉब्लम में थायराइड ग्लैंड सक्रिय नहीं होती। जिससे शरीर में जरूरत के मुताबिक t3 t4 नॉरमल नहीं पहुंच पाता इसकी वजह से शरीर का वजन अचानक बढ़ जाता है। और इसकी पहचान है कि अगर शरीर में सुस्ती बहुत रहती है, या आपको अनियमित पीरियड्स आते हैं, तो सावधान हो जाइए।

जानिए आपको थायराइड में क्या खाना है ?......

थायराइड की बीमारी से परेशान लोगों को आयोडीन युक्त भोजन लेना चाहिए

  • भोजन भोजन में हरी सब्जियां और साबुत अनाज को अवश्य शामिल करें।
  • ऑलिव ऑलिव ऑयल और नारियल का तेल यूज़ करें
  • फलों में जामुन स्ट्रौबरी केला संतरा भरपूर मात्रा में लें।
  • टोंड दूध और उस से बनी हुई चीजें जैसे दही पनीर आदि खाएं।
  • ड्राई फ्रूट्स में अखरोट और बादाम और खरबूजे के बीज भी खा सकते हैं। इनको खाने से थायराइड के फंक्शन में मदद मिलती है
  • इसके अलावा प्रोटीन और फाइबर से भरपूर अनाज का सेवन करना चाहिए
  • थायराइड के मरीजों को वह आहार लेना चाहिए जिसमें आयरन और कॉपर की पर्याप्त मात्रा हो।
  • आप अपनी डाइट में काली मिर्च, हरी मिर्च, हल्दी, और दालचीनी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
  • फलों में आप पाइन एप्पल, एप्पल, पपीता और कीवी ले सकते हैं यह चारों फल आपकी हाइपो थायराइड की प्रॉब्लम को दूर करने में आपकी हेल्प करेंगे।
  • सब्जियों में आप आलू, टमाटर, भिंडी, मशरूम, गाजर, शिमला मिर्च, कद्दू ले सकते हैं यह सारी सब्जियां आप बिना झिझक ले सकते हैं। इनमें कुछ ऐसे मिनरल्स होते हैं जो थायराइड की ग्लैंड को काम करने में हेल्पफुल होते हैं।
  • इसके अलावा अपनी डाइट में मैग्नीशियम और सेलेनियम जरूर लें यह दोनों ही काजू, बादाम, अखरोट, खरबूजे के बीज या चिया सीड्स में पाए जाते हैं इनको खाने से आपके थायराइड ग्लैंड को सपोर्ट मिलेगा। वह अपना काम अच्छे से कर पाएगी और आपको थायराइड की परेशानी कम होगी।
  • शाम की चाय की जगह आप ग्रीन टी भी ले सकते हैं।
  • अगर आप घरेलू उपचार पर जाना चाहते हैं तो अजवाइन को गुनगुने पानी में डालकर रात को रख दें और सुबह छानकर इस पानी को पी लीजिए।
  • साबुत धनिया के बीज का पानी भी पी सकते है।

Diet plan for thyroid patient

सुबह के समय 6:00 से 7:00 के बीच में आंवले का जूस या लौकी का जूस लें।

उसके पश्चात आपको नाश्ता करना है 9:00 बजे।नाश्ते में आप ओट्स को उबालकर उसमें थोड़ी सी चिया सीड्स चालकर एक बॉल जरूर खाएं अगर आपको फिर भी भूख है, तो पपीता या एप्पल खा सकते हैं।

तकरीबन 11 या 12 के बीच में आपको फिर से भूख लगती है तो आप एक स्मूदी ड्रिंक भी ले सकते हैं जिसमें आप आधा एप्पल एक अखरोट दो बादाम डालकर लिक्विड बनाकर ले सकते हैं।

इसके अलावा आप गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद आधा नींबू और अदरक का रस डालकर यह लिक्विड भी पी सकते हैं

आप चाहे तो 1 हफ्ते में एक या दो बार आप व्हीटग्रास का जूस भी पी सकते हैं यह बहुत ही फायदेमंद है थायराइड की प्रॉब्लम के लिए।

इसके अलावा जब भी आपका मन हो या खाना खाने का ज्यादा मन ना हो तो थायराइड की जो ड्रिंक होती है वह खीरा धनिया पीसकर छान लें और उसमें थोड़ा-सा नींबू डाल कर पिए।

1:00 से 2:00 के बीच में अपना लंच कर लें। लंच में या तो मिक्स अनाज की एक चपाती और सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस खाएं अगर आपको अपना वजन भी कम करना है तो दाल की जगह हरी सब्जी खाए, उसमे गाजर, मेथी, पालक की सब्जी, और लो फैट दही ले।

इसके अलावा आप लंच में दाल या चने की दाल की खिचड़ी भी खा सकते हैं।

शाम की चाय में आप दूध वाली चाय ना लेकर ग्रीन टी लें।

नॉर्मल चाय की जगह आप हल्दी की चाय भी ले सकते हैं कच्ची हल्दी को पानी में उबालकर छानकर उसमें अदरक और हनी भी डाल सकते हैं। इस चाय के साथ आप दो बादाम एक अखरोट भी खा सकते हैं।

रात को 8:00 से 9:00 के बीच में अपना डिनर ले ले। ज्यादा लेट करोगे तो वजन बढ़ेगा रात की डाइट में आप ब्राउड ब्रेड का एक मिक्स वेजिटेबल सैंडविच ले सकते हैं या स्टॉप चपाती भी खा सकते हैं। ध्यान रहे रात की 200 कैलोरीज से ज्यादा ना हो।

रात को सोने से पहले अगर भूख है तो आप एक कप टोंड दूध ले सकते हैं विदाउट शुगर।

अंत में एक जरूरी बात अगर आपको थायराइड है, तो इस डाइट के साथ-साथ दवा भी खाएं। दोनों ही मिलकर काम करेंगे तो आपकी प्रॉब्लम जल्दी Cure होगी। इन सभी टिप्स को फॉलो कर इस प्रॉब्लम से छुटकारा पाएं और स्वस्थ हेल्थी लाइफस्टाइल जीऐ।

आपको इस टॉपिक की जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। और साथ ही साथ अपनी हेल्थ से जुड़ी प्रॉब्लम्स को भी शेयर करें, ताकि हम जल्दी ही उनका समाधान बता सके।

Stay fit

Mrs.Jain ( Yoga Expert )

30 Year's of Experience

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शुक्रिया या शिकायत Meditate to beat Stress

शुक्रिया - ऐ परवरदिगार

मेरी जिंदगी में आने के लिए, हर लम्हे को इतना खूबसूरत बनाने के लिए, तू है तो हर खुशी पर मेरा नाम लिख गया है। शुक्रिया मुझे इतना खुशनसीब बनाने के लिए।

अपने अनुभव से कह रही हूं, जिस दिन आपको शुक्र करना आ जाएगा, उसी दिन आपके जीवन से सारी शिकायते समाप्त हो जाएंगी। आपको किसी का दोष नहीं दिखेगा, जिस दिन उस परवरदिगार का शुक्र करना आएगा।

आप थोड़ा सा तो विचार कीजिए, कि आपके पास क्या नहीं है। भजन करने के लिए भगवान ने तन दिया है, चिंतन करने के लिए भगवान ने मन दिया है। उसी शक्ति ने विचार करने की सामर्थ्य दी है, स्वयं के कल्याण के लिए। इससे अधिक आपको क्या चाहिए। ध्यान रहे जीवन में जो भी प्राप्त है, वही पर्याप्त है। और यह भी याद रहे, कि जीवन में जो भी आवश्यकता से अधिक है वह विष है, वह आपको पीड़ा देगा। एक बार आवश्यकता से अधिक जीवन में संचय करके देखिए, आपके मन का विश्राम समाप्त हो जाएगा।आवश्यकता से अधिक तो बस एक ही चीज अच्छी लगती है, वह है भगवान का भजन, सुमिरन, ध्यान साधना उसकी कोई सीमा नहीं है। लोभ करना है, तो भजन का लोभ करिए। आपको भजन, सुमिरन, उसकी याद कभी पर्याप्त ना लगे। जितना भी याद करो उतना ही अधूरापन लगे।

उसकी याद की कसौटी यही है, कि जितना उसे याद करते चले जाओगे। उतना ही आप भीतर से भरपूर होते चले जाओगे। कबीर जी ने भी कहा...

कागा सब तन खाइयो। चुन चुन खाइयो मांस। दो नैना मत खाइयो,इन्हें पिया मिलन की आस

लोभ हो तो उसकी याद का हो। क्रोध करना है तो अपने मन की चंचलता पर करना है। किसी भी वस्तु को या स्वयं को समाप्त नहीं करना, बल्कि उसका सदुपयोग करना है। पल-पल होश में निकले। इस संसार में कुछ भी निरर्थक नहीं है, केवल एक ही वस्तु निरर्थक है उसका कोई अर्थ नहीं उसका कोई मोल नहीं है। वह है हमारा अभिमान, अपने को मन के हाथों में सौंप देना या सिर्फ मन होकर जीना यही है... जीवन की सबसे बड़ी दुर्घटना।

मन के हाथ लगा जीवन बहुत मनोरोगो और हृदय रोगों का शिकार होता है। बहुत नेगेटिविटीज, बहुत शंकाएं, बहुत डर का अंधेरा पिरोता है। माइंड तनिक मात्र भी चैन नहीं लेने देता। हर पल बेचैनी और तनाव को पैदा करता ही रहता है। इसके लिए आप दूसरों को जिम्मेवार ठहराते हुए दूसरों को दोषी कहते हो। नहीं..... कोई पद प्रतिष्ठा, सामान, सम्मान, संपत्ति, संबंध कोई कारण नहीं है। इस मन के दुखों का कारण तुम स्वयं हो। इस भीतर की बेचैनी का कोई दूसरा कारण नहीं है। तुम स्वयं जुड़े हो, इस माइंड से.... माइंड बहिर्मुखी है माइंड बाहर से Borrow करता है, बाहर से इंपोर्ट करता है। जो जो नेगेटिव है, उसको पकड़ता है। तमाम कचरा इकट्ठा करता है, शिकायतें करता है, शिकवे करता है, अगर तुम थोड़ी देर माइंड से हट जाओ, तो यह शांत मौन मुदित भाव में निरंतर तुम्हारे इशारों पर हो जाता है। कदाचित भी फिर तुम अंधेरों में नहीं रह सकते। आप स्वयं अनुभव लेना भीतर का और फिर भीतर से ही शुक्रिया का भाव उठता है मन कह उठता है....

मुझे अपने आप में, कुछ यूं बसा लो

कि ना रहूं जुदा तुमसे और खुद से

मैं तुम हो जाऊं

Om Namah

व्याकरण संबंधी त्रुटि के लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूं।

Thank you so much

Antas Yog by Indu Jain

अगर इन विचारों से आपके जीवन में बदलाव आ रहा है, तो सभी के साथ इन Happy thoughts को शेयर करें, और इस यात्रा में सहभागी बने

Om Guruve Namah

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इस लॉकडाउन में भगवान क्या चाहते हैं ? Spiritual journey

 

उसकी कदर करने में, देर मत करना। जो इस दौर में भी तुम्हें वक्त दे रहा है।


इस एक मनुष्य जीवन में तुम स्वयं को जान लो - "मैं हूं कौन" वास्तव में भगवान भी इस लॉकडाउन में यही चाहते हैं।


इस लॉक डाउन में तीन बातों को अपने माइंड में लॉक कर लेना।

  • पहली पहली बात जीवन सतत गतिशील है, परिवर्तनशील है, तुम्हारी प्लानिंग से जीवन नहीं चलता और जब जीवन ही तुम्हारी प्लानिंग से नहीं चलता, तो मृत्यु कहां तुमसे पूछ कर आने वाली है। एक छोटा सा अदृश्य वायरस तुम्हें अपने घर में बंद कर गया, जब मृत्यु जैसे विराट घटना घटेगी, तुम कहां जाओगे। लेकिन इस समय का भरपूर प्रयोग कैसे किया जा सकता है, वास्तव में यही समय तुम्हें बता सकता है, और कोई नहीं सिखा सकता।
  • दूसरी बात - लॉक डाउन का ये समय तुम्हें कुछ सिखाना चाहता है, कि ठहरो जिसके बिना नहीं रहा जा सकता था, उसके बिना भी सब कुछ ठीक चल रहा है। यह कम आश्चर्य की बात नहीं। कई लोगों को लगता था, हम बिजनेस के बगैर घर पर ठहर ही नहीं सकते, कई महिलाओं को लगता था हम शॉपिंग और किटी के बिना रह नहीं सकते, अब सब कुछ ठीक चल रहा है या नहीं।
  • तीसरी बात - जिंदगी तुम्हें कुछ सिखाना चाहती है, यदि आसान ढंग से नहीं सीखोगे तो जटिल और कठिन ढंग आएगा, क्योंकि God तुम्हें कुछ सिखाना चाहते हैं, ईश्वर चाहते हैं, कि तुम इन मन और शरीर की सीमाओं से बाहर आओ केवल मन बुद्धि और शरीर की गुलामी मे ना रहो। और वही सब कुछ सिखाने के लिए यही दिन आए हैं, कि शायद आजकल इन दिनों में हम सीख जाए, कि यह जीवन किसके लिए मिला था। ठहरने के लिए, ठहर कर हम थोड़ी देर साधना में उतरे। साधना यानी संभलना, सुधारना, self improvement

अपने सुधार के लिए हमें बंद आंखों से थोड़ी देर अपने भीतर उतरना होगा, हमें अपने माइंड पर नजर रखनी होगी, कि कब-कब हम अपने माइंड के साथ जुड़े। सावधान हो जाना यही तो डिस्कवर करना है। इस रियलिटी को खोजना है। और यह बहुत सरल और साधारण है, अपनी और जागना क्या मुश्किल है लेकिन हमने इस तकनीक को कितना जटिल बना दिया। ध्यान रहे भीतर हर स्थिति माइंड की है, बस इस पर नजर रखना। रहना वर्तमान में आना-जाना भूत और भविष्य का हो। याद रहे identification बुरी है। माइंड तुम्हें लेकर चले यह दूरव्यवस्था है, ये mis management है।

Neutral रहकर थोड़ी देर अपने माइंड को ऑब्जर्व करना। लॉकडाउन में बाहर के टेलीविजन को देखने में इतना आनंद नहीं, जितना माइंड के टेलीविजन को देखने में अच्छा लगेगा। तुम स्वयं हंसोगे कि कितनी धूल हमने स्वयं इकटठी की है, क्या नहीं feed किया, अपनी चित्र रूपी कंप्यूटर में अपने चित् में क्या नहीं डाला। कितना बेकार का भरा है, हमने भीतर। लेकिन यह देखना हमें तभी आएगा। जब किसी हायर की वाइब्रेशंस मिलेंगी। भगवान चाहते हैं, कि हम अपने माइंड रुपी कंप्यूटर को कम से कम feed करें। Already जो हमने फीड किया है, उसको विदा करने के लिए यह लॉक डाउन का अवसर मिला है, लेकिन इसके लिए हमें किसी का साथ चाहिए समर्पण चाहिए।

तीरथ नहाए एक फल, संत मिले फल चार। सदगुरु मिले अनंत फल, कहे कबीर विचार।

सतगुरु मिले तो भक्ति की भावना भीतर सिद्ध होती है फिर भक्त कह उठता है सुख पाया सुख पाया रहम तेरी सुख पाया। यही है मन की आनंदित अवस्था.. निर्भार, जहां कोई भार नहीं।

वास्तव में इस समय ईश्वर हमें कुछ सिखाना चाहते हैं, वह यह कि तुम इस मन और शरीर की सीमाओं से बाहर आओ। और वही सब कुछ सिखाने के लिए लॉकडाउन के दिन आए हैं, कि शायद आजकल हम सीख जाएं कि जीवन किसके लिए मिला था, इसका perpose क्या था, वास्तव में यह समय हमें ठहरने के लिए मिला था, कि थोड़ी देर हम देर रुक कर अपनी साधना में उतरे। अपने इंप्रूवमेंट में उतरे लेकिन अभी तो हम खाना और सोना दोनों भूल चुके हैं। पता नहीं विकास का यह कौन सा चरण है, कि हमें सोना और खाना दोनों ही ठीक से नहीं आते खाने के लिए भी दवा चाहिए सोने के लिए भी दवा चाहिए। हंसने के लिए सुबह पार्क में हा हा करना पड़ता है। अब वह भी नहीं, क्योंकि वास्तविक हंसी नहीं है जीवन में। यह कैसी विकृत जीवन शैली है, कितनी जड़ता आ गई है। जिंदगी में जिस गति से चेतना विनाश की ओर जा रही है उससे तो यही लगता है कि अंतर्मुखी जीवन क्या होता है, आनंद क्या होता है यह बात तो हम भूल ही जाएंगे। आप कौन हैं, क्या है, क्यों आए हैं। यह विचार करने की सामर्थ्य बुद्धि में नहीं रहेगी।

अवसर मिला है, भूलना नहीं, थोड़ी देर अपने साथ रहना। तुम्हारा सुख तुम्हारे भीतर है, और उस आंतरिक सुख तक पहुंचने का मार्ग भी भीतर है। समझ तो बहुत लोगों को आ गया है कि मार्ग क्या है, लेकिन उस समझ को अनुभव तक लाने के लिए प्रकृति ने तुम्हारे लिए सारा इंतजाम किया है, ताकि इस लॉक डाउन में थोड़ी देर तुम ठहर जाओ।

ज्यादा कुछ तो नहीं जानती, मैं इस प्रेम के बारे में, इस समर्पण के बारे में, बस तुम सामने आते हो तो तलाश खत्म हो जाती है।

Om Namah

व्याकरण संबंधी त्रुटि के लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूं।

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तरबूज खाएं वजन घटाएं 5kg तक – जानिए कैसे?

जी हां, गर्मी का मौसम वजन कम करने वालों के लिए बेहतरीन है। अगर आप बहुत ज्यादा ना तो एक्सरसाइज कर सकते हैं, और ना ही डाइट कंट्रोल करना चाहते हैं, तो आपके लिए तरबूज ही काफी है। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि तरबूज आपके वजन को कम करने में बेहद मददगार है।

  • यदि आप डाइट पर है, तो अपने खाने से पहले तरबूज 300 ग्राम जरूर खाएं। खाने से पहले तरबूज का सेवन करने से आपका पेट काफी भर जाता है, जिसके बाद आप कम खाना खा पाते हैं और कुछ दिनों तक लगातार ऐसा करने से आपका वजन तेजी से कम होना शुरू हो जाएगा।
  • अगर आपको नमकीन बिस्किट या जंक फूड खाने की बार-बार आदत है तो उसकी जगह आप तरबूज खाने की आदत डालें यह आपकी बॉडी के लिए हेल्दी भी रहेगा और पौष्टिक भी।
  • तरबूज में बहुत कम कैलोरीज होती है आपको हैरानी होगी कि 100 ग्राम तरबूज में सिर्फ 30 कैलोरीज होती हैं और 0% फैट होता है अगर आप अपनी डाइट में तरबूज को daily लेते हैं, तो इससे आपको बहुत फायदा मिलेगा
  • Workout के दौरान जो भी मांसपेशियों में खिंचाव हो जाता है हम थकान का अनुभव करते हैं, वह सब तरबूज के सेवन से ठीक हो जाता है।
  • तरबूज तरबूज खाने से पेट आराम से भरता है क्योंकि तरबूज में 92% पानी होता है तो आप आराम से इसे खाकर अपना वेट लॉस कर सकते हैं इसमें इतना ज्यादा फाइबर होता है, जिसे खाने से हम और पेट लंबे समय तक पेट भरा भरा महसूस करते हैं।
  • इसको इसको रेगुलर खाने से हम कई प्रकार के हेल्थ प्रॉब्लम से बच सकते हैं जैसे बीपी, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, अपच।
  • इसके इसके सेवन से हमें भरपूर पोषण मिलता है और मोटापा जल्दी कम होता है। बेस्ट वेट लॉस रिजल्ट के लिए इस रात में ना खाकर दिन में ही खाएं।
  • अगर आप अपने बढ़ते वजन को तेजी से कम करने की सोच रहे हैं तो तरबूज को अपनी डाइट में जरूर शामिल कीजिए। क्योंकि यह शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है वैसे तो तरबूज के बहुत सारे सेहतमंद लाभ हैं लेकिन यह वजन कम करने में काफी बेहतरीन माना जाता है इसको रेगुलर खाने से वेट लॉस के बहुत अच्छे परिणाम सामने आते हैं।
  • अंत में एक महत्वपूर्ण बात, तरबूज के सेवन के पश्चात जो वेट लॉस होता है तो स्किन टाइटनिंग के लिए हमें थोड़ा सा योगाभ्यास करना होगा जैसे ताड़ासन, तिर्यक ताड़ासन, पश्चिमोत्तानासन, वक्रासन, वृक्षासन, वीरभद्रासन।
  • योग के इन सभी आसनों के अभ्यास से आपका शरीर सुंदर और स्वस्थ बनेगा साथ में मोटापा भी कम होगा हड्डियों में मजबूती आएगी और हीमोग्लोबिन की मात्रा भी बढ़ेगी। और यदि आप बैलेंस डाइट और प्रॉपर वकआउट से बॉडी की स्ट्रैंथ को डिवेलप करते हुए अपने अपनी बॉडी के ऊपर काम करते हैं, तो परिणाम बहुत जल्दी आता है, और वह परिणाम स्थाई होता है।
  • वेट वेट लॉस के अच्छे परिणाम के लिए तरबूज खाने के साथ-साथ आपको अपनी दूसरी डाइट में भी परिवर्तन लाना होगा। जैसे हफ्ते में एक बार मूंग की दाल का पानी या चिल्ला लेना होगा, और साथ में बहुत सारी सलाद खानी होगी। जैसे खीरा, ककड़ी, टमाटर, चुकंदर और फलों में आप Apple और अनार ले सकते हैं। रोटी चावल को थोड़ा सा avoid करना है यानी कि Carbs को कम लेना है, और अगर थोड़े दिन ये Carbs बंद भी कर दोगे, तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा जब भी भूख लगे watermelon खाइए और रिजल्ट पाइए।

Thanks

Mrs.Jain ( योग विशेषज्ञ )

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यह कैसा प्रेम का रंग Spiritual journey

ज्ञान से शब्द समझ आते हैं, लेकिन अनुभव से वास्तविक अर्थ।

किसी की वाइब्रेशंस में थोड़ी देर प्रेममय हो जाना। यह धारा समर्थ है तुम्हें व्यस्त से मस्त कर देने में, लेकिन आप कहते हैं कि मस्त कैसे होए हम ? अभी संसार का उत्तरदायित्व बहुत है, जब भी ध्यान में उतरते हैं मन भागता हैं,अभी responsibilities काफी हैं, दोनों में बैलेंस कैसे साधे, तो क्या करें?

ध्यान रहे, या तो आप अधूरे मन से सुनते हैं, या जो आपको सुनाता है वह अधूरा जानता है, क्योंकि ध्यान तो वो कला है, जिसमें किसी को कपड़ा बुनते बुनते, किसी को जूता बनाते बनाते किसी को सामान तोलते तोलते... तेरा ही तेरा भगवद दर्शन करा दिया। आपने कहीं नहीं भागना। भागने वालों को कुछ नहीं मिला, भागने वालों ने संसार से भागकर दुगना संसार पाया है। इसीलिए जहां हो, वही रहिएगा और जो घर से भागने को कहा उनकी बात बिल्कुल भी नहीं सुनना, क्योंकि करुणानिधान इतनी समर्थ है, वो जब आते हैं तो आने के लिए कौन सा स्थान चुनते हैं। आधी रात, घनघोर बरसता बादल, और कारागार के मध्य में भगवान प्रकट होते हैं। यानी वह शक्ति ऐसी स्थिति में भी प्रगट हो सकती है। भले ही आप और मैं सब कारागार में है, संसार के कारागार में है, जहां कामनाओं के मेघ बरसते हैं, और घोर अंधकार है। बस इतना भरोसा रखना, थोड़ा सा विश्वास रखना।

जब कोई नहीं आता, मेरे गुरुवर आते हैं मेरे दुख के दिनों में वो, बड़े याद आते है।

किसी शायर ने कहा

बहुत चल लिए, चलते चलते थक गए और ना मिली मंजिल नाचीज और यूं तो कहने को चलकर जाना था, जिस्म से मुझे रूह तक।

इतना ही तो चलना था बाहर से भीतर उतरना था। अंतस में जाना था, जिस्म से रूह में उतरना था, बस इतना हो नहीं पाया। बहुत चल लिए बस अब ठहर जाओ उसे आने दीजिए।

अब आप मत खोजिए, उसे आप को खोजने दीजिए। अब आप मत पहचानिए उसे आपको पहचान जाने दीजिए, आप तो बस भीतर डूब जाएं

जिंदगी दी है तो जीने का हुनर भी दे दे गुफ्तगू दी है तो बातों का असर भी दे दे।

मैं किसी और के हाथ से समंदर भी ना लूं। एक कतरा भी समंदर है, तू अगर दे दे।

गुरु की कृपा से नाम मिला हो, बस एक बार अपने तन मन प्राण लगा दीजिए। प्रत्येक प्रश्न के उत्तर में एक बात कहिए अपने आप से...

जीने का सहारा तेरा नाम रे मुझे दुनिया वालों से क्या काम रे...

‌‌किसी की वाइब्रेशंस का जीवन में आना कैसा है, जैसे प्रभु के आगमन का संदेशा आया हो, ध्यान रहे अन्य सब साधनों में प्रयास है, प्रयास में परिश्रम है। पर इस धारा में कोई प्रयास ना हो, सारी कोशिशें छोड़ दीजिए वही है प्रेम, वही है भक्ति का रंग। वही भक्ति शुद्ध है, यह सब कुछ स्वीकार करती है। इसमें सर्व को स्वीकार करने की सामर्थ है, कोई कैसा भी आया हो। केवल अमृत की स्वीकृति ही, भक्ति में नहीं है, अगर केवल अमृत की स्वीकृति होती तो मीरा केवल चरणामृत स्वीकार करती। इसमें विष की भी स्वीकृति है, और केवल स्वीकृति ही नहीं, सामर्थ्य भी है विष को अमृत में परिवर्तित करने का। इसीलिए यह प्रेम शुद्ध है अवरुद्ध है, ध्यान रहे यदि सद्गुरु द्वारा दी गई वो भीतर की दृष्टि ही ना हो, तो भगवान सामने से होकर चले जाएंगे। आप पहचान भी नहीं पाएंगे, इन बाहर के चक्षुओ से भगवद दर्शन नहीं होगा। श्रद्धा और विश्वास के दो नेत्र आपके भाव देह के पास में है। वह श्रद्धा और विश्वास के नेत्र जब देखते हैं तभी भगवान दिखाई देते हैं। और वह नेत्र बिना गुरु कृपा के देख नहीं पाते, बिना नयन पावे नहीं, बिना नयन की बात।

बहुत गहरी बात है, जिनके जीवन में संत कहो, गुरु कहो, कोई बुद्ध पुरुष नहीं होता उनकी चेष्टा बता देती है, इनके जीवन में कोरा सत्संग है, यानी जो सिर्फ सुनने वाला होता है,और बहुत लोग तो ध्यान से सुन भी नहीं पाते, क्योंकि या तो वह देखने के लिए आते हैं कि क्या चल रहा है या स्वयं को दिखाने के लिए आते हैं।

थोड़ी देर बंद आंखों से भीतर झांकना, सभी बुद्ध पुरुषों का एक ही संदेश है, कि यदि तुम मनुष्य जीवन में आ ही गए हो तो, इस मनुष्य जीवन की जो परम संभावना है वहां की यात्रा का आरंभ कीजिए और अंत भी। सत्संग, ज्ञान, ध्यान की धारा तुम्हें सिर्फ दिशा देगी, समझा सकती है, लेकिन साधना तुम्हें स्वयं करनी होगी और वही साधना तुम्हें उस अनुभव तक लेकर जाएगी कि जो भी तुमने सत्संग में समझा है ध्यान में ग्रहण किया है, वही तुम्हारा अपना स्वभाव बन जाए। स्वभाव यानी सत चित आनंद की धारा तुम्हारे भीतर से प्रगट हो, ना कि बाहर से।

इस यात्रा पर साथ साथ चलने के लिए आप सभी का धन्यवाद।

Thank you so much

Om Namah

व्याकरण संबंधी त्रुटि के लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूं।

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Treatment of Sciatica Pain / 5 Yoga Exercise for Sciatica Pain Relief

5 वैज्ञानिक और आसान से योगासन जो साइटिका के दर्द से देंगे राहत।

Sciatica Pain पैरों की नसों में होने वाला तेज दर्द है इस दर्द से परेशान व्यक्ति ना तो ढंग से चल फिर पाता है और ना ही काफी देर तक खड़ा हो पाता है इसके अलावा इस दर्द के कारण उसके रोजमर्रा के काम में भी कई बार दिक्कतें आ जाते हैं।

यह दर्द कमर के निचले हिस्से से शुरू होकर हिप्स जांघों से होते हुए पैरों की एड़ी तक चला जाता है। लेकिन कुछ योगासन के नियमित रूप से अभ्यास करने पर साइटिका की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है इस वीडियो में हम आपको वैज्ञानिक ढंग से 5 योगासन बताएंगे जो आपको इस प्रॉब्लम से छुटकारा दिलाएंगे।

साइटिका का दर्द ज्यादातर शरीर के एक हिस्से में, एक पैर में बहुत तेज होता है उस समय यह दर्द आपको बहुत बेचैन कर देता है आपको काम करने में भी थोड़ी बहुत असुविधा हो सकती है। इससे उठने वाला तेज दर्द अचानक या किसी खास वक्त में उठता है जिसमें आप खुद को बहुत लाचार महसूस करने लगते हैं

इस सभी योग आसनों के अभ्यास से आपकी रीड की हड्डी फ्लैक्सिबल होती है आपकी स्ट्रैचिंग इंप्रूव होती है यह सभी एक्सरसाइज आपके हिप्स में लचीलापन को बढ़ाती हैं और हिप्स जांघों और कमर के निचले भाग की जकड़न को दूर करती हैं।

Thanks

 

https://www.youtube.com/watch?v=7All8PtPNsI&t=32s

Cure Sciatica Pain 100%

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प्यास ही परमात्मा by Indu Jain ( Yoga Expert ) Relax Mind with Meditation

कीमत पानी की नहीं, प्यास की होती है कदर मौत की नहीं, सांस की होती है। प्यार तो बहुत लोग करते हैं दुनिया में पर कीमत प्यार की नहीं, विश्वास की होती है।

और सबका अपना अपना विश्वास होता है यानी अपनी अपनी याद। उसे कोई किसी भी नाम से पुकार सकता है। खैर ... नाम में क्या रखा है छोड़ो।

कुछ पल बंद आंखों से हम उसे याद करें और ठहर जाएं अपनी याद में जो हमें विस्मृत हुआ है। अपनी ओर उन्मुख रहना मन के स्वभाव मे खो जाने की आदत अपने आप टूटेगी। आप अपनी remembrance में रहना।

अपने को सुखद और स्वस्थ रखने के लिए अपने आपसे एक छोटी सी प्रतिज्ञा करना कि हमें जीवन में सतगुरु का साध मिले, ओर हम साधना की डोर पकड़ कर हम मन की अंधी दौड़ को अटका कर भीतर की वास्तविक शोध को प्रारंभ करें। हम अपने भीतर जरूर उतरेंगे, थोड़ी देर इस विचार को भीतर रम जाने दीजिए।

लेकिन क्या करें बार-बार माइंड की आदत हम पर हावी हो जाती है हम पुनः माइंड के साथ लगते ही dualistic state में चले जाते हैं और इस duality से बचने का एक ही तरीका है वो है मेडिटेशन। यही एकमात्र ऐसी दवा है जो हमारे जीवन में संतुलन ला सकती है। यह पॉजिटिविटी को बढ़ावा देती है और पॉजिटिव माइंड ही उस परम के निकट होता है।

बस तुम अब और अभी में रहना। जब जब तुम जागते हो तुम प्रेजेंट मोमेंट में होते हो और जब तुम अपनी वास्तविक याद में होते हो तुम अपने real residence में होते हो लेकिन आज तक किसी ने हमें अपने घर का पता नहीं बताया, इसीलिए हम बाहर के घरों में सुख को ढूंढ रहे हैं। हमने उसे वहां पाना चाहा जहां वह है नहीं। इसीलिए हमारा मन अशांत,अतृप्त और दुखी रहता है। बात बात पर हम anger and reactions करते हैं अगर तुम्हें अपने को देखने का जरा सा भी interest है या प्यास है, तो तुम्हारा देखना बहुत रुचिकर हो जाता है वास्तव में यह भीतर देखना ही भीतर की सफाई है भीतर का सुधार है, इंप्रूवमेंट है।

ढूंढना खोजना एकमात्र मिलन की घड़ी को संभव करता चला जाता है अधिक से अधिक भीतर डूब जाना भाव दशा में उस विराट के लिए चंद कुछ सांसे, जो तुम्हें एक्चुअल में सकून देगी आज तक रुदन उतरा है उस संसार के लिए लेकिन सब रुल गया अब थोड़ी देर उसके लिए भी प्यास उठे तभी आपका रोम रोम एनर्जी से भरपूर हो जाएगा, तभी तुम वास्तविक जीवन जी पाओगे।

वर्तमान में..... अब यह प्यास कभी ना बुझने पाए, न हीं तृप्त हो पाए मैं तृप्ति नहीं चाहती तृप्त नहीं होना मुझे बस प्यास ही प्यास बरसती रहे अब मुझे अनुभव हो गया कि प्यास ही परमात्मा है तू केवल प्यास में बरसता है तू केवल अश्कों में रहता है, जहां-जहां सागर उमड़ते हैं तू महासागर हो करके आता है तो एकमात्र उस रिश्ते में उतर कर आता है जिसका कोई नाम नहीं,तू unconditional love में उतरता है तू तभी पिघलता है, तू सरल सहज हो जाता है फिर तू कठोर नहीं रहता ओ... विराट विश्वास तू करुणाजनक हो जाता है, एक प्यास तुझको रिझा पाती है ऐसा मिला समंदर कुछ और प्यासा कर गया... कुछ और प्यासा कर गया।

प्यास के मारे हैं, या तेरी चाहत के मारे हैं, जो भी कह लो बस हम तो तुम्हारे सहारे हैं ओ विश्वास ...ओ विराट.... ओ मुर्शिद

Guru kripa

व्याकरण संबंधी किसी भी त्रुटि के लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूं।

आपके जीवन में इस विश्वास की कितनी importance है कमेंट सेक्शन में अपने अनुभव जरूर शेयर कीजिए।

Thanks

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Lose Thigh Fat / 3 Minutes Inner Thigh fat burn by Indu Jain

 

Exercise To Burn Thigh Fat in Hindi

जांघों की चर्बी कम करने के लिए करें यह सभी एक्सरसाइज - अगर आप अपनी thighs के फैट को जल्दी कम करना चाहते हैं तो आपको इन सभी एक्सरसाइज का अभ्यास रेगुलर करना है क्योंकि शरीर के अन्य हिस्से की तरह thighs पर जमा अतिरिक्त फैट कई समस्याएं पैदा कर सकता है जैसे अर्थराइटिस, ओस्टियोपोरोसिस, लेग पेन, साइटिका पेन, घुटने का दर्द, कमर का दर्द इस हिस्से से फैट को कम करना आपके फिट रहने के लिए बहुत जरूरी है और इसके लिए इन एक्सरसाइज के साथ-साथ आपको संतुलित आहार लेना आवश्यक है संतुलित आहार में आज से ही आप अपनी डाइट में नमक और शुगर की मात्रा कम लेंगे

दूसरा महत्वपूर्ण Health tip है कि आप दिन में दो बार कम से कम गर्म पानी पिएंगे और गर्म पानी पीने के बाद 20 मिनट तक आपने कुछ नहीं खाना ।

 

तीसरी बात एक बार में एक गिलास पानी से ज्यादा नहीं पीना क्योंकि इससे पेट का आकार बढ़ जाता है फिर आपको भूख ज्यादा लगती है

 

उम्मीद है इन तीनों नियमों को आज से ही आप फॉलो करेंगे।

 

ANTAS Yog by Indu Jain

 

3 Minutes Inner Thigh Burn

https://www.youtube.com/watch?v=BeRAjpcthF8&t=31s

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