Treatment of Sciatica Pain / 5 Yoga Exercise for Sciatica Pain Relief

5 वैज्ञानिक और आसान से योगासन जो साइटिका के दर्द से देंगे राहत।

Sciatica Pain पैरों की नसों में होने वाला तेज दर्द है इस दर्द से परेशान व्यक्ति ना तो ढंग से चल फिर पाता है और ना ही काफी देर तक खड़ा हो पाता है इसके अलावा इस दर्द के कारण उसके रोजमर्रा के काम में भी कई बार दिक्कतें आ जाते हैं।

यह दर्द कमर के निचले हिस्से से शुरू होकर हिप्स जांघों से होते हुए पैरों की एड़ी तक चला जाता है। लेकिन कुछ योगासन के नियमित रूप से अभ्यास करने पर साइटिका की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है इस वीडियो में हम आपको वैज्ञानिक ढंग से 5 योगासन बताएंगे जो आपको इस प्रॉब्लम से छुटकारा दिलाएंगे।

साइटिका का दर्द ज्यादातर शरीर के एक हिस्से में, एक पैर में बहुत तेज होता है उस समय यह दर्द आपको बहुत बेचैन कर देता है आपको काम करने में भी थोड़ी बहुत असुविधा हो सकती है। इससे उठने वाला तेज दर्द अचानक या किसी खास वक्त में उठता है जिसमें आप खुद को बहुत लाचार महसूस करने लगते हैं

इस सभी योग आसनों के अभ्यास से आपकी रीड की हड्डी फ्लैक्सिबल होती है आपकी स्ट्रैचिंग इंप्रूव होती है यह सभी एक्सरसाइज आपके हिप्स में लचीलापन को बढ़ाती हैं और हिप्स जांघों और कमर के निचले भाग की जकड़न को दूर करती हैं।

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https://www.youtube.com/watch?v=7All8PtPNsI&t=32s

Cure Sciatica Pain 100%

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चाहत का नशा / Experience the Bliss

What is Spirituality

मैंने तुझे चाहा, तूने चाहा किसी और को। खुदा करे, तू जिसको चाहे वो चाहे किसी और को।

सच्चाई है यह जीवन की, सामान्यता ऐसा होता है या नहीं, क्या हमने अपने जीवन में नहीं देखा, कि तुम जिसे चाहते हो वो किसी और को चाहता है और वो जिसको चाहता है वह किसी और को चाहता है, यहां हर किसी की प्रायोरिटी अलग-अलग है। बस एक ही प्रायोरिटी हमें नहीं लगती, कि उसे भी कुछ समय दिया जाए - उसके साथ भी कुछ समय बिताया जाए, जिस रिश्ते का कोई नाम नहीं । उससे भी संबंधों को प्रगाढ़ किया जाए।

ध्यान रहे, जब भगवान भक्त के आधीन होते हैं तो आधे अधूरे नहीं होते, ऐसा नहीं होता कि आधी कृपा हुई और आधी कृपा नहीं हुई । कृपा करेंगे तो पूरी पूरी, जो भी संबंध प्रभु के साथ होगा वह पूरा पूरा होगा - आधा अधूरा नहीं बस भगवान से संबंध हमें भा जाए, क्योंकि एक वही तो है - किसी ने ठीक ही कहा है कि एक यही ख्याल तो सकुने जिंदगी है, कि मेरा हर वादा भी तुमसे है, मेरा हर दावा भी तुमपे है।

एक प्रभु ही है जो संबंध निभाते हैं इंसान तो संबंध बनाता है फिर उसी संबंध का उपहास करता है लेकिन प्रभु क्या करते हैं, कोई अभावग्रस्त भी आ जाए उस पर कृपा कर उसे सत्संग सुलभ कराते हैं, प्यास भी देते हैं, फिर उनकी कृपा से जीव उस शक्ति से संबंध स्थापित कर हृदय से पुकार उठाता है।

जिस श्वास तुझे भूलूं वो श्वास ठहर जाए, प्रभुवर तेरे चरणों में हर श्वास गुजर जाए।

भीतर झांकना, पढ़ना सुनना सत्संग ध्यान नहीं है। सुनकर या पढ़कर जो तुम्हें छू जाए वह परम घटना, जो तुम्हारे जीवन के हर पहलू को बदलने की क्षमता रखती है फिर तुम उस तत्व की खोज करने निकलते हो जो हमेशा रहता है जो सनातन रहता है, जो परिवर्तन में कभी जाता ही नहीं, फिर तुम्हारा अधिक समय उस खोज में निकलता है सामान्यतः जीवन जीते हुए भी तुम हर पल उसे connected रहते हो और यही है चाहत का नशा।

जरा सा सोच विचार करना - हम सभी सुख और आनंद की तलाश में है लेकिन हम उसे गलत जगह पर ढूंढ रहे हैं, क्या तुम्हारा खोया हुआ सुख परिवार में, संपत्ति में, साधनों में मिल सकता है, नहीं कभी नहीं। ये वही मिल सकता है, जहां वह खोया है वह जहां है उसे उसी दिशा में खोजना होगा और वह किसी hier की वाइब्रेशंस के बिना या यह कहिए किसी की चाहत के नशे के बिना संभव नहीं जिसके चित् में जितनी गहरी चाहत होगी, वह उतनी ही परिपक्वता के साथ, उतनी ही तन्मयता के साथ उसे उस दिशा में खोजने जाएगा जहां वह वास्तव में सुख और आनंद पड़ा है।

लेकिन हम यह बात समझने में कितना समय और लगाएंगे कितना और पढ़ेंगे, सुनेंगे, कितने विचारों की और पुनरुक्ति करेंगे। कब भीतर की ओर बढ़ेंगे वैसे इन्हीं बातों का बार-बार विचार करना, यह भी उसी की मर्जी से हो रहा है आज आर्टिकल भी आप पढ़ रहे हैं, तो समझना आपके भीतर कहीं ना कहीं उस चाहत का नशा है, आप और भी पीना चाहते हैं तभी तो यह बातें आपको रसप्रद लग रही है। आपको यह बातें कहीं ना कहीं झकझोर रही हैं। कहां सुख खोया हमारा और हम कहां ढूंढने चले। हम बार-बार इस पर विचार करें, कि बार बार आना जाना तो सृष्टि का नियम है इसमें ऐसा कौन सा तत्व है जो आता जाता नहीं, जो बनता बिगड़ता नहीं उस तत्व की खोज में जब हम अपना यह मनुष्य जीवन बिताते हैं, वही जीवन चाहत के रंग में रंगा है, और वही जीवन ईश्वर की अनुभूति के लायक है, वही वास्तव में उसकी कृपा का पात्र है।

कुछ देर आंखें बंद करके इन विचारों को भीतर जाने दीजिए जब किसी हायर की बात तुम्हें छू जाए, वो बात छूते ही तुम्हें रूपांतरित करती है यदि करती है, तो वो चाहत का नशा है। तुम सत्य की खोज में यानी खुद की तलाश में निकल जाओ यह चाहत का रंग है जो कभी नहीं घट सकता हमेशा बढ़ता ही है।

बाकी सभी नशे कुछ दिन में, कुछ सालों में उतर जाते हैं लेकिन यह नशा जीवन के साथ-साथ और जीवन के अंत तक भी रहता है। और यह चाहत का नशा ध्यान में उतरते उतरते हमारे चित् में प्रगट होता है कुछ लंबी सांस लेकर इस विचार को गहराई में उतर जाने दीजिए।

हमने सब कुछ पढ़ा, समझा जानते सब कुछ है, लेकिन जी नहीं पाते क्योंकि अभी उसकी चाहत की कमी है। चाहत यानी चाहना, फिर संसार की कोई चाहत नहीं रहती जिसके आगे संसार के तमाम सुख फीके लगते हैं। बंद आंखों से हम प्रतिज्ञा करते हैं, कि संसार के स्वरूप को समझकर चाहत के स्वरूप को समझकर, उसकी वाइब्रेशंस में एक कदम आगे बढ़ाएंगे इसी प्रतिज्ञा के साथ पूरा दिन पल पल अपने साथ रहना, जागे रहना।

बोध बस इतना सा है, कि जिस पल तुम्हें पता चल जाए कि तुम कुछ गलत कर रहे हो उसे तत्क्षण बदलने की, छोड़ने की हिम्मत रखना, यहां सब कुछ आता और जाता है बस तुम हिम्मत करना अपने अंतस को सवारने की और जिसके संवरते ही तुम्हारी दुनिया संवर जाती है।

तुझे चाहने वालों को चाहत ना रहें कोई तुझे भूलने वालों को राहत न रहे कोई तुझे पाके भुला दे जो, वो इंसा कहा जाए वह प्यासा किधर जाए।

 

Om Namah

व्याकरण संबंधी अगर कोई त्रुटि हो तो मैं क्षमा प्रार्थी हूं।

आपके जीवन में किसी की चाहत का नशा है या नहीं अपने अनुभव हमें कमेंट सेक्शन में जरूर शेयर कीजिए।

 

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प्यास ही परमात्मा by Indu Jain ( Yoga Expert ) Relax Mind with Meditation

कीमत पानी की नहीं, प्यास की होती है कदर मौत की नहीं, सांस की होती है। प्यार तो बहुत लोग करते हैं दुनिया में पर कीमत प्यार की नहीं, विश्वास की होती है।

और सबका अपना अपना विश्वास होता है यानी अपनी अपनी याद। उसे कोई किसी भी नाम से पुकार सकता है। खैर ... नाम में क्या रखा है छोड़ो।

कुछ पल बंद आंखों से हम उसे याद करें और ठहर जाएं अपनी याद में जो हमें विस्मृत हुआ है। अपनी ओर उन्मुख रहना मन के स्वभाव मे खो जाने की आदत अपने आप टूटेगी। आप अपनी remembrance में रहना।

अपने को सुखद और स्वस्थ रखने के लिए अपने आपसे एक छोटी सी प्रतिज्ञा करना कि हमें जीवन में सतगुरु का साध मिले, ओर हम साधना की डोर पकड़ कर हम मन की अंधी दौड़ को अटका कर भीतर की वास्तविक शोध को प्रारंभ करें। हम अपने भीतर जरूर उतरेंगे, थोड़ी देर इस विचार को भीतर रम जाने दीजिए।

लेकिन क्या करें बार-बार माइंड की आदत हम पर हावी हो जाती है हम पुनः माइंड के साथ लगते ही dualistic state में चले जाते हैं और इस duality से बचने का एक ही तरीका है वो है मेडिटेशन। यही एकमात्र ऐसी दवा है जो हमारे जीवन में संतुलन ला सकती है। यह पॉजिटिविटी को बढ़ावा देती है और पॉजिटिव माइंड ही उस परम के निकट होता है।

बस तुम अब और अभी में रहना। जब जब तुम जागते हो तुम प्रेजेंट मोमेंट में होते हो और जब तुम अपनी वास्तविक याद में होते हो तुम अपने real residence में होते हो लेकिन आज तक किसी ने हमें अपने घर का पता नहीं बताया, इसीलिए हम बाहर के घरों में सुख को ढूंढ रहे हैं। हमने उसे वहां पाना चाहा जहां वह है नहीं। इसीलिए हमारा मन अशांत,अतृप्त और दुखी रहता है। बात बात पर हम anger and reactions करते हैं अगर तुम्हें अपने को देखने का जरा सा भी interest है या प्यास है, तो तुम्हारा देखना बहुत रुचिकर हो जाता है वास्तव में यह भीतर देखना ही भीतर की सफाई है भीतर का सुधार है, इंप्रूवमेंट है।

ढूंढना खोजना एकमात्र मिलन की घड़ी को संभव करता चला जाता है अधिक से अधिक भीतर डूब जाना भाव दशा में उस विराट के लिए चंद कुछ सांसे, जो तुम्हें एक्चुअल में सकून देगी आज तक रुदन उतरा है उस संसार के लिए लेकिन सब रुल गया अब थोड़ी देर उसके लिए भी प्यास उठे तभी आपका रोम रोम एनर्जी से भरपूर हो जाएगा, तभी तुम वास्तविक जीवन जी पाओगे।

वर्तमान में..... अब यह प्यास कभी ना बुझने पाए, न हीं तृप्त हो पाए मैं तृप्ति नहीं चाहती तृप्त नहीं होना मुझे बस प्यास ही प्यास बरसती रहे अब मुझे अनुभव हो गया कि प्यास ही परमात्मा है तू केवल प्यास में बरसता है तू केवल अश्कों में रहता है, जहां-जहां सागर उमड़ते हैं तू महासागर हो करके आता है तो एकमात्र उस रिश्ते में उतर कर आता है जिसका कोई नाम नहीं,तू unconditional love में उतरता है तू तभी पिघलता है, तू सरल सहज हो जाता है फिर तू कठोर नहीं रहता ओ... विराट विश्वास तू करुणाजनक हो जाता है, एक प्यास तुझको रिझा पाती है ऐसा मिला समंदर कुछ और प्यासा कर गया... कुछ और प्यासा कर गया।

प्यास के मारे हैं, या तेरी चाहत के मारे हैं, जो भी कह लो बस हम तो तुम्हारे सहारे हैं ओ विश्वास ...ओ विराट.... ओ मुर्शिद

Guru kripa

व्याकरण संबंधी किसी भी त्रुटि के लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूं।

आपके जीवन में इस विश्वास की कितनी importance है कमेंट सेक्शन में अपने अनुभव जरूर शेयर कीजिए।

Thanks

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Online Yoga Sessions BY Indu Jain ( YOGA EXPERT )

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वर्तमान में प्रवेश करने की कला by Indu Jain ( Yoga Expert ) What is Spirituality

Positive Feelings and Energy

वक्त दिखाई नहीं देता, लेकिन बहुत कुछ दिखा जाता है।

2 मिनट के लिए बिल्कुल Aware हो जाएं अगर आप जिंदगी में बदलाव लाना चाहते हैं तो लगातार कुछ देर श्वास पर नजर रखें। बहुत समय बीत गया , श्वास को दूसरे पर खर्च करते करते, अब थोड़ी देर इन सांसों को अपने ऊपर खर्च करना।आप महसूस करोगे कि श्वास पर ध्यान देते ही आप माइंड से स्वतंत्र हो गए।अभी तो प्रकृति भरपूर अवसर दे रही है स्वयं का मालिक होने का, अपनी सारी समझ को केवल बाहर नहीं उड़ेलना भीतर की खबर भी रखना, थोड़ा अपनी सुध भी लेना अपनी dualities को दूर करने के लिए, स्वयं में सुखद शांत और आनंदित होने के लिए। इन मिले हुए पलों का भरपूर फायदा उठाना।

लेकिन यह तभी संभव है जब किसी विशेष के प्रति तुम्हें राग हो - विशेष कौन ??

जो सदा है, सदा था, और सदा रहेगा बस वही विशेष है ईश्वर ही विशेष है जो हमेशा था, है ,और रहेगा, उसके प्रति राग हो जाना उसके प्रति devoted हो जाना, उसी को भक्ति कहा उसी को योग में वैराग्य कहा।

संसार की ओर भागता हमारा यह मन राग से तो बहुत परिचित है, लेकिन वैराग्य की घटना हममें तभी घटती है, जब हम दुखी या परेशान होते है, यही वैराग्य की घटना यदि लंबे समय तक रहे तो भक्ति बन जाती है और वही भक्ति आंतरिक शुद्धि करते करते हमारे भीतर रहे ईश्वर से परिचित करा देती है लेकिन यह घटना तभी घटेगी जब स्वयं के प्रति विचार होगा और स्वयं के प्रति विचार तभी आ आएगा जब किसी विशेष के प्रति राग होगा।

भीतर झांकना अभी तुम्हारे जीवन में तुम्हारे लिए तुम से अधिक विशेष कौन है कोई भी तो नहीं - वक्त भी मिला लेकिन हमने अपने आपका कभी विचार ही नहीं किया हमने आज तक क्या किया, उससे पाया क्या ?? मन तो तृप्त हुआ ही नहीं।

अब जरा सोच विचार करना जब भी कोई समस्या आती है हम उसका समाधान कहां ढूंढते हैं बुद्धि के भीतर अपने अनुभवों में ढूंढते हैं या शास्त्रों में ढूंढते हैं या फिर वर्तमान में खोजने की कोशिश करते हैं।

ध्यान रहे जो राग से भरा चित् है वह शास्त्रों की और भागेगा या बुद्धि से अपने अनुभवों की और भागेगा लेकिन जो वैराग्य से भरा चित् है वह वर्तमान में इतना फोकस हो जाता है अपनी सारी एनर्जी को वर्तमान में ऐसे लगा देता है कि वर्तमान में से ही उसकी समस्या का समाधान तेजी से बाहर निकलता है वैराग्य यानी वर्तमान में प्रवेश करने की कला, वैराग्य यानी जब विशेष के प्रति राग होता है तो समस्या की ओर देखकर समाधान खोजा हो जाता है समस्या से भागकर समाधान नहीं खोजा जाता।

समस्या का समाधान करने वाला जो चित् है वो वैराग्य से भरा चित् है वो प्रेम से भरा चित् है वैराग्य यानी संसार को छोड़ देना नहीं, तुम जहां भी हो वही तुम उससे connect हो जाओ केवल वर्तमान में आ जाओ वर्तमान में आते ही तुम बंडल ऑफ एनर्जीइज हो जाते हो तुम्हारी सारी एनर्जी वर्तमान को face करने में लग जाती है और जब तुम उस वर्तमान को पूरी एनर्जी के साथ face करते हो तो Solution भी उसी वर्तमान में से ही निकलता है।

आज जो भी समस्या आई है उसका समाधान समस्या की ओर देखकर खोजना और जब तुम पूरा पूरा वर्तमान को समर्पित होते हो तभी उस समस्या का समाधान आता है क्योंकि वर्तमान के क्षण में जितने तुम पूरे पूरे हो उतने ही पूरे पूरे ईश्वर भी हैं ना तुम खंडित हो नहीं ईश्वर खंडित है तुम्हें केवल ईश्वरीय स्त्रोत्र से ही हर समस्या का अवश्य समाधान मिलेगा कुछ लंबी गहरी श्वास लेकर वर्तमान में आ जाओ।

बदल तो इंसान रहा है ,दोष समय को दे रहा है।

Om Guruve Namah

अगर कोई व्याकरण संबंधी त्रुटि हो गई हो तो उसके लिए क्षमा प्रार्थी हूं।

Comment section में हमें जरूर बताएं कि जब भी आपके साथ कोई समस्या आती है, तो हम उसका समाधान कहां ढूंढते हैं कैसे ढूंढते हैं ?

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Lose Thigh Fat / 3 Minutes Inner Thigh fat burn by Indu Jain

 

Exercise To Burn Thigh Fat in Hindi

जांघों की चर्बी कम करने के लिए करें यह सभी एक्सरसाइज - अगर आप अपनी thighs के फैट को जल्दी कम करना चाहते हैं तो आपको इन सभी एक्सरसाइज का अभ्यास रेगुलर करना है क्योंकि शरीर के अन्य हिस्से की तरह thighs पर जमा अतिरिक्त फैट कई समस्याएं पैदा कर सकता है जैसे अर्थराइटिस, ओस्टियोपोरोसिस, लेग पेन, साइटिका पेन, घुटने का दर्द, कमर का दर्द इस हिस्से से फैट को कम करना आपके फिट रहने के लिए बहुत जरूरी है और इसके लिए इन एक्सरसाइज के साथ-साथ आपको संतुलित आहार लेना आवश्यक है संतुलित आहार में आज से ही आप अपनी डाइट में नमक और शुगर की मात्रा कम लेंगे

दूसरा महत्वपूर्ण Health tip है कि आप दिन में दो बार कम से कम गर्म पानी पिएंगे और गर्म पानी पीने के बाद 20 मिनट तक आपने कुछ नहीं खाना ।

 

तीसरी बात एक बार में एक गिलास पानी से ज्यादा नहीं पीना क्योंकि इससे पेट का आकार बढ़ जाता है फिर आपको भूख ज्यादा लगती है

 

उम्मीद है इन तीनों नियमों को आज से ही आप फॉलो करेंगे।

 

ANTAS Yog by Indu Jain

 

3 Minutes Inner Thigh Burn

https://www.youtube.com/watch?v=BeRAjpcthF8&t=31s

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Lockdown Meditation in Hindi by Indu Jain ( Yoga Expert )

उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक तुम्हें अपने लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए और लक्ष्य एक ही है स्वयं की खोज, स्वयं की तलाश लेकिन क्या करें हमें इतना सुंदर जीवन मिला, शरीर भी मिला, स्वास मिला इंद्रिया भी बिल्कुल स्वस्थ मिली, ना चाहते हुए भी सद्गुरु की कृपा मिली सभी कुछ तो मिला उससे भी बड़ी बात किसी की वाइब्रेशंस में सही दिशा में सोचने की विचार करने की शक्ति भी मिली।

लेकिन हम उस सोच विचार का सदुपयोग करने के बदले न जाने किस ढंग से इस मन को भरना चाहते हैं कुछ देर सांसो को देखते हुए विचार करो कि हम सभी मन को तृप्त करना चाहते हैं लेकिन किसी ने बताया ही नहीं यह मन भरता ही तब है जब मिले हुए क्षणों का सदुपयोग किया जाए, जो भी मिला, जैसा भी मिला, जितना भी मिला, जहां भी मिला बस उसका सदुपयोग करते हुए हमें थोड़ी देर न्यूट्रल हो जाना है हमें अपनी सुरती में ठहर जाना है हमें अपनी self remembrance में उतर जाना है।

"मैं हूं कौन" इसी पर विचार कीजिए।थोड़ी देर कोई चिंता नहीं, क्या होने वाला है कब खुलेगा यह लॉकडाउन ऐसा विचार भी मन में नहीं लाना बस वर्तमान के इन क्षणों में यही विचार करना कि मैंने आज तक का कितना समय मन को तृप्त करने में लगा दिया लेकिन हुआ क्या यह ???

अब जीवन की दिशा को पलटने का निर्णय करना एक गहरा विचार डालना कि मुझे परमात्मा के द्वारा दिए गए समय का सदुपयोग करना है मैं आज से अभी से अपने आपसे प्रॉमिस करती अब मैं सिर्फ मन बनकर जीवन नहीं जीऊंगी या यूं कहो सिर्फ मन को भरने में नहीं रहूंगी बल्कि अब मैं थोड़ी देर मन को देखने का कार्य करूंगी लेकिन इसके लिए आपको चारों तरफ से अवकाश लेना होगा और वैसे भी प्रकृति अभी खूब अवकाश दे ही रही है अब नहीं तो कब ???

अब मैं सिर्फ अपने सुधार और संभाल का कार्य करूंगी चेहरे पर थोड़ी देर प्रसन्नता और विचार करना अपने पिछले जीवन को देखकर कि सच में हमने आज तक के जीवन में क्या किया ?? और क्या करना था जो भी मिला जैसा भी मिला जितना भी मिला उसका सदुपयोग करने में मन को नहीं लगाया इसीलिए मन सदा अतृप्त रहा। लेकिन अब 21 दिनों में जितने दिन भी बचे हैं उसी में अपने जीवन को संभाल लेना बचे हुए समय का सदुपयोग करना।

थोड़ी देर अपने ध्यान को सांसो पर एकाग्रचित्त कीजिए। स्वास के साथ कोई छेड़खानी ना हो, इससे आपका कोई लेना-देना नहीं बस सारी एकाग्रता हर आती-जाती श्वास पर रखें जैसे ही आपका ध्यान स्वास पर लगता है वैसे ही आपको पता लगता है कि आपकी स्वास आत्मा से जुड़ी है आत्मा परमात्मा से सुप्रीम पावर से जुड़ी है तभी आप शांत हो जाते हैं जैसे ही आपका परमात्मा के साथ एलाइनमेंट होता है आपका सारा दुख दर्द विषाद नेगेटिविटी, भय, चिंताएं समाप्त हो जाते हैं और आप का संपूर्ण जीवन सुखमय, प्रेममय, आनंदित हो जाता है इसके लिए सिर्फ हमें शांत बैठने की जरूरत है थोड़ी देर मौन हो जाइए।मौन होने पर हम पूरी तरह blissful state में आ जाते हैं फिर आप धीरे-धीरे अल्फा स्टेट में जाने लगते हैं,यानी आप दिमाग में चल रहे स्ट्रेस और प्रेशर से पूरी तरह मुक्त हो गए क्योंकि अब यहां पर आपका कॉन्शियस माइंड बिल्कुल शांत होने लगता है सभी विचार गिरने लगते हैं द्वंद खत्म हो जाते हैं अब आप पूरी तरह एकाग्रचित्त है उस सुप्रीम पावर के साथ ऐसी स्थिति में आपको कुछ अपने आप से सकारात्मक बातें करनी है मैं स्वस्थ हूं, मैं शुद्ध हूं, मैं शांत हूं, मैं अपने स्वरूप से प्रेम करती हूं मैं उस परमात्मा की संतान हूं धन्यवाद धन्यवाद,धन्यवाद।

Om Guruve Namah

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5 Easy & Effective Exercises To Reduce Side BELLY Fat Fast | Super Exercises by ANTAS YOG

https://www.youtube.com/watch?v=HEegjpy_nkQ&t=26s

पेट और कमर की चर्बी कम करने का आसान तरीका

Best 5 एक्सरसाइज & Tips To Reduce belly fat in HIndi

अगर आपको अपने शरीर में लगातार भारीपन लगता है या बॉडी में laziness रहती है तो सावधान हो जाइए पेट पर थोड़ी बहुत चर्बी होने को सामान्य माना जाता है लेकिन अगर वही चर्बी जरूर से ज्यादा होती है तो हमें कई बीमारियों से जूझना पड़ता है। जैसे पीसीओडी की प्रॉब्लम, हार्मोनल प्रॉब्लम, यूट्रस रिलेटेड कई डिजीज, इसके साथ साथ डिप्रेशन मोटापा और अन्य बीमारियां अपने आप चली आती हैं। इस सभी बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए इस सभी एक्सरसाइज को एक बार अपनी डेली रूटीन में शामिल करके देखिए और अपना अनुभव हमें कमेंट सेक्शन में जरूर शेयर कीजिए।

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Great Cardio Exercises at Home | Cardio you can do sitting down

https://www.youtube.com/watch?v=X6xtMD hi7x1Mc

Sitting Chair Cardio Exercises in Hindi

जी हां, अब आप चेयर पर बैठे बैठे अपना वजन कम कर सकते हैं, आज हम आपको ऐसे 10 वर्क आउट बता रहे हैं जिसमें केवल एक चेयर की आवश्यकता होगी। चेयर की हेल्प से आप कार्डियो वर्कआउट करके अपनी बॉडी को फिट रख सकती हैं और अपना easily वेट लॉस कर सकती हैं बस आपको समय देने की जरूरत है अपने आपको

सुबह और शाम सिर्फ पांच 5 मिनट

कैलोरीज को बर्न करने के लिए कुर्सी पर बैठे बैठे करें ये 10 कार्डियो एक्सरसाइज। आज तक तो आपने केवल कुर्सी पर लगातार बैठने के नुकसान ओं के बारे में सुना होगा लेकिन अब आप कुर्सी की मदद से कुछ ऐसी कार्डियो एक्सरसाइज भी कर सकते हैं जो आप को तंदुरुस्त एवं फिट रख सकती हैं जीवन भर। टोटल बॉडी वर्कआउट के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें।

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एक्सरसाइज और फिटनेस रूटीन

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Reduce Weight fast

Only 5 Exercises to Loss Belly fat / Loose Stomach fat

अगर आप अपने मोटापे से परेशान हैं तो ये वीडियो आप के लिए है।
आज की वीडियो में हम आपको ऐसी एक्सरसाइज़ बता रहे हैं जो आपको वेट लॉस के साथ साथ आपको इंच लॉस देगी । ये सभी एक्सरसाइज़ आप का सेल्फ कॉन्फिडेंस भी बढ़ाएगी । एक बार जरूर एक्सपीरिएंस कीजिए

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